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जिंदगी



अधिकतर जिंदगी हमारे हिसाब से नहीं चलती है | बाधाएं कदम – कदम पर रास्ता रोके बैठी होती है | कभी कभी तो ऐसा लगता है कि सब कुछ थम सा गया है और सूझता ही नहीं कि क्या करें ? हम इतना खुद को हारा हुआ महसूस करते है कि लगता है जिंदगी ही खत्म हो गई | नाकामयाब होने के बाद अपना मुँह छुपा लेना, गुमनामी की चादर ओठ लेना, लोगों से भागना, कतराना, नजरें चुराना कुछ ऐसे ही कदम है जो आप तौर पर लोग उठाते है | ऐसा करने के वजाय हार मिलने की स्थिति में आपका मन रोने का करें तो रो लें, चिल्लाने का मन करें तो चिल्ला लें लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि रो लिए तो सब सही हो गया | इसके बाद आप खुद को सम्भालें और फिर से शुरुआत करें लेकिन शुरुआत जरुर करें क्योंकि शुरुआत करना ही आपकी मंजिल की ओर बढ़ने वाला पहला कदम है | बीते कल में जाकर आप एक नई शुरुआत नहीं कर सकते है पर आज एक कदम बढाकर आप एक शानदार अंजाम तक जरुर पहुंच सकते है | अपने सपनों और इच्छाओं के रास्तें में आने वाली चुनौतियों के आगे न झुके क्योंकि अगर झुक गए तो आपके सपने और इच्छाएँ दम तोड़ देंगी | बस हार न माने | छोड़ना शब्द अपनी डिकशनरी से ही निकाल दें | इसे किसी भी तरह का विकल्प न बनाएं | जब कभी भी हार मिले तो याद रखे कि आपके काम के तरीके और काम को हार मिली है, न कि आपको | हर प्रयास में अपने काम में सुधार करें |

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इन्टरनेट की दुनिया------- आज के आधुनिक समय में इंटरनेट मनुष्य के जीवन को बहुत ही सरल और ज्ञान वर्धक बना दिया है। हम इंटरनेट और टेकनटेक्नो की वजह से ही देश और दुनिया से एक दुसरे से इतना दूर होते भी जुड़ पा रहे हैं। । आज हम इसका प्रयोग शिक्षा, चिकित्सा, यातायात, हर जगह कर रहे हैं। एक रिपोर्ट के मुताबिक चीन, अमेरिका, ब्राजील, भारत देश में लोग ज्यादा इंटरनेट यूज करते।।    हम सभी बिना  इन्टरनेट के एक दिन-एक पल भी रहने की कल्पना भी नहीं कर सकते, हम इस पर या कहे तो ये हम पर इतना हावी हो गया है कि इसके बिना हम कुछ कर नहीं पाते, और अब इस समय पर तो सोच भी नहीं पाते,, हर छोटी-बड़ी काम पड़े तो हम इसे ही याद करते। आज के इस वक्त में हम अपना दिमाग लगाना लगभग छोर ही चुके हैं। अब तो हमें अपने आप पर भी विश्वास नहीं होता , हमे ये लगता शायद मुझसे गलती हो सकती पर इससे नहीं,  हमअपना विश्वास खो दिया है, अपना दिमाग लगाना छोड़ दिया हम बस इस पर आश्रित हो गये है. इससे हमारी सोचने समझने की शक्ति कम होती जा रही और हम एक काल्पनिक दुनिया की ओर बढ़ते चले जा रहे हैं।  हमे किसी से कोई म...

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